लखनऊ 19 नवंबर 2025: पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को एक विस्तृत पत्र लिखकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उन जिलों में, जहाँ जनसंख्या संरचना के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ी हुई मानी जाती हैं, हिंदू समुदाय के पात्र आवेदकों के शस्त्र लाइसेंस लंबे समय से लंबित पड़े होने का मुद्दा उठाया है।
पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि कई जिलों में योग्य नागरिकों के शस्त्र लाइसेंस आवेदन तकनीकी कारणों या अनावश्यक विलंब के चलते निष्पादित नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे आम नागरिकों में असंतोष तथा असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

भराला ने अपने पत्र में माँग की है कि—
जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएँ कि सभी लंबित शस्त्र लाइसेंस आवेदनों की शीघ्र एवं निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
पात्र आवेदकों को नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से लाइसेंस जारी किए जाएँ।
प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव या अनावश्यक देरी न हो।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जनपदों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्थानीय प्रशासन स्थिति की नियमित समीक्षा करे।
