लखनऊ,12 अगस्त 2026: इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026 के दूसरे दिन नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) आशीष गोयल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संदेश पढ़कर सुनाया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए डेलीगेट्स, विषय विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में उद्यमियों ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि सीबीजी इंडस्ट्री में किसानों को समृद्ध बनाने की बहुत ताकत है। इसके माध्यम से कचरे को कंचन बनाकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है और गांव के लोगों को गांव में ही रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश को ग्रीन एनर्जी की राह दिखाई है। पूर्व की सरकारों ने किसानों की चिंता नहीं की, जबकि प्रधानमंत्री मोदी जी ने किसानों की आमदनी बढ़ाने, स्वाइल हेल्थ कार्ड और कृषि को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की। मंत्री शर्मा ने उद्यमियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि बायोएनर्जी के क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के साथ प्रदेश सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है।
मंत्री ए के शर्मा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी केवल राजनीतिक बयान बाजी कर देश के किसानों एवं युवाओं को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री श्री शर्मा ने चुनौती देते हुए कहा कि राहुल गांधी विश्वविद्यालय को हिंदी में लिखकर और आईआईटी तथा आईआईएम की हिंदी में फुल फॉर्म बता कर दिखा दें। राहुल गांधी तो गन्ना और मकई के पौधे में अंतर भी नहीं कर पाएंगे। मंत्री शर्मा ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, ग्रेटर नोएडा में आयोजित सीबीजी बायोएनर्जी का यह अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन इसका जीवंत उदाहरण है, जहां देश-विदेश के उद्यमी और विशेषज्ञ किसानों की आय बढ़ाने, कचरे को ऊर्जा में बदलने और गांव में रोजगार पैदा करने की संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के युवाओं और किसानों को भ्रमित करने के बजाय विकास की इस बदलती तस्वीर को समझना चाहिए।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा अनाज उत्पादक राज्य है और यहां सबसे अधिक कृषि अपशिष्ट उपलब्ध है। इस अपशिष्ट को नवाचार के माध्यम से ऊर्जा में बदला जा सकता है। उन्होंने सभी उद्यमियों को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि हम सबके सहयोग से ग्रीन एनर्जी के माध्यम से अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगे। यह किसानों के भविष्य को सुनहरा बनाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कृषि अपशिष्ट को आए और ऊर्जा के स्रोत में बदलकर किसानों को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।

ऊर्जा राज्यमंत्री कैलाश राजपूत एवं गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कृषि के साथ पशुपालन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए प्रदेश में डोमेस्टिक लेवल पर एक लाख छोटे बायोगैस प्लांट लगाने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर केआईएस एवं पारस ग्रुप के साथ एक हजार करोड़ रुपये का एमओयू साइन हुआ। साथ ही अनेक रिसर्च जर्नल एवं कृषि साहित्य का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में देश-विदेश से आए डेलीगेट्स, विषय विशेषज्ञों और उद्यमियों ने बायोएनर्जी, सीबीजी, कृषि अपशिष्ट के उपयोग, ग्रामीण रोजगार और ग्रीन एनर्जी की संभावनाओं पर मंथन किया।
