लखनऊ, 3 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने आज विधान परिषद के तृतीय सत्र के प्रथम दिन विभिन्न विभागीय प्रश्नों का उत्तर देते हुए सरकार की विकासोन्मुखी कार्यशैली, पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को सदन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा।
विधान परिषद सदस्य श्री मुकुल यादव द्वारा मैनपुरी में नगर पालिका के कचरा निस्तारण संयंत्र से संबंधित प्रश्न के उत्तर में मंत्री शर्मा ने बताया कि नगरीय ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु प्लांट वर्ष 2012 से संचालित एवं क्रियाशील है। नगर में उपलब्ध लगभग 50 हजार मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए 19 मार्च 2026 को कार्यादेश जारी किया जा चुका है। प्लांट एवं आवश्यक मशीनरी स्थापित कर कार्य प्रारंभ हो चुका है तथा प्रतिदिन लगभग 20 टन ठोस अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा छोड़ी गई गंदगी को साफ करने का कार्य कर रही है।
विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा सिद्धार्थनगर में परिवर्तकों पर हुए व्यय से संबंधित प्रश्न के उत्तर में ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कार्य तत्कालीन स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप ही कराया गया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर दृढ़ता से कार्य कर रही है तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता को स्वीकार नहीं किया जाएगा साथी लापरवाही पाए जाने पर किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक उपभोक्ता को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए विद्युत अवसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय बिजली व्यवस्था अत्यंत जर्जर थी। न पर्याप्त खंभे थे, न तार और न ही विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था। आज उत्तर प्रदेश बिजली उत्पादन, आपूर्ति और वितरण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है और जनता को पावर क्वालिटी देने के लिए प्रतिबद्ध है।
