लखनऊ, 12 अगस्त, 2026: प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ में युवाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं युवा संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जन भवन की पीएसओ टीम, लखनऊ विश्वविद्यालय तथा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में नाट्य मंचन, गीत गायन, कविता पाठ, भाषण, नुक्कड़ नाटक एवं युवा संसद के माध्यम से सामाजिक सरोकारों और समसामयिक विषयों पर प्रभावी संदेश प्रस्तुत किए गए।
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर युवा संसद कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पक्ष एवं विपक्ष की भूमिका निभाते हुए ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ प्रस्ताव पर संसदीय शैली में जोरदार बहस की। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, रक्षा मंत्री, नेता प्रतिपक्ष तथा विभिन्न सांसदों की भूमिका का प्रभावी निर्वहन किया।
पक्ष की ओर से विद्यार्थियों ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के समर्थन में तर्क रखते हुए कहा कि इससे बार-बार होने वाले चुनावों पर होने वाले व्यापक व्यय में कमी आएगी तथा बचाए गए संसाधनों का उपयोग विकास कार्यों में किया जा सकेगा। चुनावी प्रक्रिया के कारण बार-बार प्रभावित होने वाली प्रशासनिक एवं अन्य व्यवस्थाओं के बेहतर उपयोग की बात भी विद्यार्थियों ने रखी।
वहीं विपक्ष की भूमिका निभा रहे विद्यार्थियों ने प्रस्ताव पर सवाल उठाते हुए संघीय ढांचे, लोकतांत्रिक विविधता एवं राज्यों की स्वायत्तता से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सदन में रखा। बहस के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक एवं तर्क-वितर्क देखने को मिला। सदन में कई बार हंगामे की स्थिति बनी, जिस पर संसद अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे छात्र ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की।
युवा संसद के माध्यम से विद्यार्थियों ने संसदीय कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक संवाद, तर्क-वितर्क, नेतृत्व क्षमता एवं समसामयिक विषयों पर अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अभ्यास किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में जन भवन की पीएसओ टीम ने मुंशी प्रेमचंद की रचना ‘कप्तान साहब’ का ज्ञानेंद्र त्रिपाठी के निर्देशन में प्रभावी मंचन किया। नाटक में युवा जीवन, परिस्थितियों, संघर्ष एवं कर्तव्यबोध को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों की संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा एवं मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘हालात अलग, हौसला एक’ नाटक के माध्यम से युवाओं के सपनों, संघर्षों एवं परिस्थितियों को प्रस्तुत किया। नाटक का संदेश था कि परिस्थितियां भले अलग-अलग हों, लेकिन युवाओं की आकांक्षाएं और आगे बढ़ने का हौसला समान होता है। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया।
लखनऊ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘निर्णय का प्रकाश’ नाटक प्रस्तुत किया। इसके माध्यम से डिग्री प्राप्त करने के बाद युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों, सही दिशा के चुनाव, परिश्रम और सफलता के बीच संबंध को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। साथ ही युवाओं के लिए संचालित स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को भी मंच पर प्रस्तुत किया गया।
जन भवन की पीएसओ टीम, लखनऊ विश्वविद्यालय एवं ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने गीत गायन के माध्यम से कार्यक्रम में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार किया। विद्यार्थियों ने भाषण एवं कविता पाठ के माध्यम से सामाजिक एवं राष्ट्रीय सरोकारों को अभिव्यक्ति दी। कार्यक्रम के अंत में देशभक्ति गीतों पर प्रस्तुत किए गए उत्साहपूर्ण नृत्य ने दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न प्रस्तुतियों में प्रतिभाग करने वाले सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एकेटीयू के कुलपति प्रो0 जे0पी0 पाण्डेय ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस केवल युवाओं के उत्सव का दिन नहीं, बल्कि नए संकल्पों को आत्मसात करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और उस समय देश की कमान आज के युवाओं के हाथों में होगी। इसलिए युवाओं की जिम्मेदारी अभी से बढ़ जाती है।
उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक होने के साथ-साथ युवाओं को नैतिक रूप से भी आदर्श बनना होगा। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यबोध के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 जे0पी0 सैनी, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 अजय तनेजा, लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलसचिव भावना मिश्रा, एकेटीयू के वित्त अधिकारी केशव सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 दीपक नगरिया, जन भवन के अनुभाग अधिकारी कमल यादव, चिकित्साधिकारी डॉ0 अमिता वर्मा सहित विश्वविद्यालयों के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन एकेटीयू की कुलसचिव रीना सिंह ने किया तथा संचालन उप परीक्षा नियंत्रक नेहा श्रीवास्तव ने किया।
