उप्र/प्रयागराज 12 मई 2026: उत्तर प्रदेश की पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं प्रयागराज की पूर्व सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी जी के पति तथा बहुमुखी प्रतिभा के धनी श्री पूरन चंद जोशी जी के विगत 4 मई 2026 को हुए निधन पर राष्ट्रीय परशुराम परिषद परिवार द्वारा गहरा शोक व्यक्त किया गया।
इसी क्रम में आज राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मंत्री पण्डित सुनील भराला प्रयागराज स्थित प्रो.रीता बहुगुणा जोशी के आवास पहुंचे और स्वर्गीय पूरन चंद जोशी को श्रद्धासुमन अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राष्ट्रीय परशुराम परिषद के महामंत्री (शोधपीठ) डॉ० राजाराम यादव, साहित्य प्रकोष्ठ के डॉ० शिव प्रकाश साहित्य, सदस्य अधिवक्ता दीपक कुमार विश्वकर्मा, प्रदेश अध्यक्ष अशोक शर्मा, अधिवक्ता राम सिंह यादव सहित परिषद के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय पी.सी. जोशी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा परिवारजनों के साथ कुछ समय व्यतीत कर सांत्वना प्रदान की।
इस अवसर पर पण्डित सुनील भराला एवं प्रो. रीता बहुगुणा जोशी के बीच बीते वर्षों की अनेक स्मृतियों एवं सामाजिक-राजनीतिक जीवन के महत्वपूर्ण प्रसंगों पर भावुक चर्चा हुई। प्रो. रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि स्वर्गीय पूरन चंद जोशी जैसा व्यक्तित्व विरले ही जन्म लेता है। उन्होंने कहा कि उनके प्रत्येक राजनीतिक एवं सामाजिक संघर्ष में जोशी जी सदैव मेरुदण्ड की भांति उनके साथ खड़े रहे तथा उनका मार्गदर्शन करते रहे। उन्होंने अपने पति को जीवन का सबसे बड़ा संबल बताते हुए कहा कि उनके साथ सहगामिनी बनकर जीवन व्यतीत करना उनके लिए सौभाग्य की बात रही।

पण्डित सुनील भराला ने इस दुःखद घड़ी में परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया तथा कहा कि राष्ट्रीय परशुराम परिषद परिवार सदैव उनके साथ खड़ा है। श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत पण्डित भराला पुनः लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
राष्ट्रीय परशुराम परिषद परिवार स्वर्गीय पूरन चंद जोशी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है तथा ईश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
